1 अक्टूबर 2019 - 14:13
 मानें या न मानें ... अब फॉरेन पॉलीसी ने कहा कि अमरीकी नौसेना, ईरान से टक्कर नहीं ले सकती! क्या है ईरानी नौसेना के पास हैरान करन

अमरीका की फॉरेन पॉलीसी पत्रिका ने लिखा है कि अमरीकी नौसेना, ईरान का मुक़ाबला करने की क्षमता नहीं रखती।

    आलेख में कहा गया है कि फार्स की खाड़ी में विमानवाहक युद्धपोतों द्वारा अपने सैनिकों को फैलाने की अमरीकी क्षमता अब पहले जैसी नहीं है जो वास्तव में दशकों से अमरीकी नौसेना की श्रेष्ठ तकनीक के पुराने होने का भी प्रमाण है।

     अब आज के दौर में तट के निकट और उथले पानी में युद्ध बहुत खतरनाक हो गया है और जब अमरीकी विमानवाहक पोत दुश्मन के निशाने पर हों तो फिर उन्हें सुरक्षित कैसे समझा जा सकता है?

   ईरान के पास " नूर " मिसाइल है जो युद्धपोत को तबाह करने की ताक़त रखता है और यह मिसाइल 100 मील तक मारक क्षमता रखता है। सन 2016 में यूएसएस मैसन को इसी मिसाइल से निशाना बनाया गया था। ईरान के " नूर " मिसाइल और इसी प्रकार समुद्री में तेज़ी से तैरती ईरान की तोपधारी स्पीडबोट्स, ईरान और अमरीका में तनाव में वृद्धि के बावजूद, अमरीका के विमान वाहक युद्ध पोत यूएसएस लिंकन को फार्स की खाड़ी से दूर रखने के लिए काफी थीं।

     अमरीकी रणनीतिकारों के लिए अब बेहद महत्वपूर्ण क्षण आ चुका है क्योंकि ईरान के प्रति अमरीका के पास विकल्प बेदह कम हैं। ट्रम्प के पास ईरान के सिलसिले में बस युद्धपोत और पनडुब्बियों का ही विकल्प है जो काफी दूर से क्रूज़ मिसाइल फायर कर सकती हैं। इसी प्रकार क्षेत्र के कुछ देशों में मौजूद युद्धक विमान और बी-2 और बी-52 जैसे बमवर्षक विमान ही का प्रयोग कर सकते हैं।

 जहां तक विमानवाहक युद्धपोत की डेक से उड़ने वाले विमानों की बात है तो उसे न के बराबर ही समझा जाए हालांकि दूसरे विश्व युद्ध के बाद से विमानवाहक युद्ध पोत को अमरीका की शक्ति का एक महत्वपूर्ण चिन्ह समझा जाता था।

     यूएसएस लिंकन विमानवाहक युद्धपोत, मई से ओमान सागर से 200 मील दूर खड़ा है जबकि उस पर जो युद्धक विमान हैं वह मात्रा 500 मील तक ही उड़ान भर सकते हैं। जिसका मतलब यह है कि यह युद्धक विमान अगर यूएसएस लिंकन के डेक से उड़ान भरते हैं तो बड़ी मुश्किल से ईरान के पूर्वी तट तक जाकर वापस आ सकते हैं, मतलब फार्स की खाड़ी में ईरानी नौसेना के अड्डे तक पहुंचना तो उनके लिए असंभव है जिसे हमेशा संभावित टारगेट कहा जाता है।

अमरीका की नेश्नल इन्ट्रेस्ट पत्रिका ने भी अपने एक आलेख में ईरान की सैन्य शक्ति और फार्स की खाड़ी में अमरीका को हराने की क्षमता का ब्योरा देते हुए लिखा था कि ईरान हैरान कर देने वाली क्षमताओं के साथ असाधारण स्पीडबोट्स  बना रहा है जिसका एक उदाहरण सेराज-1 स्पीडबोट्स के रूप में देखा जा सकता है। दूसरी स्पीडबोट्स " जुल्फेक़ार" है जो नस्र-1 क्रूज़ मिसाइल से लैस है। इन सब से ज़्यादा हैरतअंगेज़ ईरान की वह स्पीड बोट्स हैं जो पानी के अंदर चलती हैं और उन्हें पकड़ना बहुत मुश्किल है।